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कम निवेश में शुरू करें ये 5 मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस और कमाएँ ज्यादा | Top 5 Manufacturing Business Ideas in India 2026

Published On: January 22, 2026
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manufacturing business ideas in India in hindi with low investment
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Manufacturing business ideas in India in hindi with low investment

आज के समय में India में मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित बिज़नेस काफी तेज़ी से बढ़ रहे हैं और ये बिज़नेस काफी अच्छे तरीके से ग्रो भी कर रहे हैं। अगर आप भी कम लागत लगाकर अपना एक मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो भारत में कई ऐसे विकल्प हैं, जो आपके लिए profitable साबित हो सकते हैं।

आज कल छोटे बिज़नेस काफी पॉपुलर हो रहे हैं क्यूंकि इन्हें शुरू करना काफी आसान होता है और कम समय में ये बिज़नेस अच्छी ग्रोथ देते हैं। इस आर्टिकल में हम 5 ऐसे मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस के बारे में बताएँगे, जिन्हें आप कम निवेश में शुरू कर सकते हैं।


पेपर प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग (Paper Products Manufacturing)

पेपर प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्या है?

पेपर प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस में आप पेपर यानि के कागज़ से बने प्रोडक्ट्स बनाकर बेच सकते हैं। ये प्रोडक्ट्स हर जगह इस्तेमाल होते हैं, जैसे: नोटबुक्स, पेपर बैग्स, पेपर कटोरी, ग्रीटिंग कार्ड्स और पेपर कप आदि।

इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको ज़्यादा इनवेस्टमेंट की आवश्यकता नहीं होती, और यह एक eco-friendly और sustainable बिज़नेस ideas में से एक है।

पेपर प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस क्यों शुरू करना चाहिए?

आज कल eco-friendly प्रोडक्ट्स का ट्रेंड बढ़ रहा है। पेपर से बने प्रोडक्ट्स की डिमांड काफी बढ़ रही है। low investment में शुरू किया जा सकता है।

आवश्यक लाइसेंस (Required Licenses)

GST रजिस्ट्रेशन, फैक्ट्री लाइसेंस, ट्रेड लाइसेंस, Pollution Control Board Approval, FSSAI लाइसेंस।

Investment कितना लगेगा?

इस बिज़नेस में मशीनरी का खर्चा, Raw Materials , लेबर & सेटअप इन सब का खर्चा मिलाकर लगभग ₹3 लाख से ₹8 लाख तक का इन्वेस्टमेंट लग सकता है।

कैसे बेचें?

रिटेल स्टोर्स, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, Wholesale सप्लाई, सोशल मीडिया मार्केटिंग।

Profit Margin

आम तौर पर पेपर प्रोडक्ट्स का profit margin 30-40% तक हो सकता है।


अगरबत्ती मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस (Agarbatti Manufacturing Business)

अगरबत्ती मैन्युफैक्चरिंग क्या है?

अगरबत्ती मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस में raw materials से अगरबत्ती की तैयार करके, उनकी पैकेजिंग करके उन्हें बाज़ार में बेचा जाता है।

अगरबत्ती मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस क्यों शुरू करना चाहिए?

अगरबत्ती मैन्युफैक्चरिंग India का एक traditional और एवरग्रीन बिज़नेस है। हर घर में, मंदिर में और पूजा में अगरबत्ती का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी डिमांड साल भर रहती है। यह एक low investment बिज़नेस है और इसे आसानी से ग्रो किया जा सकता है।

आवश्यक लाइसेंस (Required Licenses)

GST रजिस्ट्रेशन, उद्यम रजिस्ट्रेशन, ट्रेड लाइसेंस, फैक्ट्री लाइसेंस, Pollution Control Board NOC.

Investment कितना लगेगा?

अगरबत्ती बनाने की मशीन, कच्चा माल, पैकेजिंग और मजदूरी का खर्चा मिलाकर total investment लगभग ₹1 लाख से ₹3 लाख तक लग सकता है।

कैसे बेचें?

लोकल रिटेल दुकानों के माध्यम से, Wholesale मार्केट, ब्रांड के नाम से सेलिंग, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से।

Profit Margin

अगरबत्ती मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस में profit margin काफी अच्छा होता है। आप Average Profit Margin 30% से 50% तक मान सकते हैं।


प्लास्टिक री-साइक्लिंग & प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग (Plastic Recycling & Product Manufacturing)

प्लास्टिक री-साइक्लिंग & प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग क्या है?

प्लास्टिक री-साइक्लिंग और प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस में पुराने, खराब और इस्तेमाल किये गए प्लास्टिक(used plastic) को इकट्ठा करके उसे दोबारा उपयोग में लाया जाता है या प्लास्टिक को री-सायकल किया जाता है और फिर उससे नए प्रोडक्ट्स बनाये जाते हैं।

प्लास्टिक री-साइक्लिंग और प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस क्यों शुरू करना चाहिए?

India में प्लास्टिक pollution काफी बड़ा issue है, इसलिए recycled प्लास्टिक प्रोडक्ट्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है। प्लास्टिक को री-सायकल करके आप प्लास्टिक फर्नीचर, टाइल्स, बॉटल्स और बैग्स मैन्युफैक्चर कर सकते हैं जिनकी मार्केट में काफी डिमांड है। भारत सरकार भी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और री-साइक्लिंग को प्रमोट कर रही है।

आवश्यक लाइसेंस (Required Licenses)

GST रजिस्ट्रेशन, उद्यम रजिस्ट्रेशन (MSME), ट्रेड लाइसेंस, Pollution Control Board NOC, फैक्ट्री लाइसेंस।

Investment कितना लगेगा?

प्लास्टिक रीसाइक्लिंग मशीन, कच्चा माल, मज़दूरी और सेटअप का खर्चा मिलाकर इन्वेस्टमेंट लगभग ₹3 लाख – ₹7 लाख तक लग सकता है।

कैसे बेचें?

रिटेल Shops, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, Wholesale सप्लाई, कॉर्पोरेट ऑर्डर्स।

Profit Margin

आप प्लास्टिक री-साइक्लिंग और प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस में average profit margin लगभग 25% से लेकर 40% तक मान सकते है।


एल.ई.डी. लाइट्स मैन्युफैक्चरिंग (LED Lights Manufacturing)

एल.ई.डी. लाइट्स मैन्युफैक्चरिंग क्या है?

एल.ई.डी. लाइट्स मैन्युफैक्चरिंग (LED Lights Manufacturing) वह बिज़नेस है जिसमें एल.ई.डी. (LED – Light Emitting Diode) लाइट्स बनाई जाती हैं और उन्हें मार्केट में बेचा जाता है।

एल.ई.डी. लाइट्स मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस क्यों शुरू करना चाहिए?

LED लाइट्स मैन्युफैक्चरिंग एक fast-growing और high-demand वाला बिज़नेस है। चाहे घर हो, ऑफिस हो या इंडस्ट्री हो India में energy-efficient और long-lasting लाइटिंग की डिमांड काफी बढ़ गई है। एनर्जी efficiency प्रमोट करने के लिए भारत सरकार भी LED लाइट्स को encourage कर रही है।

आवश्यक लाइसेंस (Required Licenses)

GST रजिस्ट्रेशन, उद्यम रजिस्ट्रेशन (MSME), ट्रेड लाइसेंस, फैक्ट्री लाइसेंस, Electrical Safety Approval / BIS Certification.

Investment कितना लगेगा?

LED मैन्युफैक्चरिंग मशीन & Equipment, raw materials और लेबर & सेटअप का खर्चा मिलाकर investment लगभग ₹9 लाख – ₹20 लाख तक लग सकता है।

कैसे बेचें?

रिटेल स्टोर्स, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, कॉर्पोरेट & B2B ऑर्डर्स, डीलर्स & डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से।

Profit Margin

आप एल.ई.डी. लाइट्स मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस में Average profit margin 20% से लेकर 35% तक मान सकते हैं।


फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग (Furniture Manufacturing)

फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग क्या है?

फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग (Furniture Manufacturing) वह बिज़नेस है जिसमें घर, ऑफिस, या अन्य जगहों के लिए फर्नीचर जैसे: टेबल, कुर्सी, बेड, सोफा, अलमारी, शेल्फ, डेस्क आदि को बनाया जाता है और मार्केट में बेचा जाता है।

फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस क्यों शुरू करना चाहिए?

फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग India का एक evergreen और high-demand वाला बिज़नेस है। घर, ऑफिस, hotels और restaurants के लिए फर्नीचर की डिमांड हमेशा ही रहती है।

आवश्यक लाइसेंस (Required Licenses)

GST रजिस्ट्रेशन, उद्यम रजिस्ट्रेशन (MSME), ट्रेड लाइसेंस, फैक्ट्री लाइसेंस, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट।

Investment कितना लगेगा?

मशीनरी, टूल्स (आरी, grinders, drills, पॉलिशिंग टूल्स आदि), मैटेरियल्स (लकड़ी, मेटल, प्लाईवुड, लेमिनेट्स, हार्डवेयर आदि), लेबर और वर्कशॉप सेटअप का खर्चा मिलाकर investment लगभग ₹2 लाख – ₹10 लाख तक लग सकता है।

कैसे बेचें?

रिटेल स्टोर्स & Showrooms, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, कॉर्पोरेट & B2B ऑर्डर्स, कस्टम ऑर्डर्स, सोशल मीडिया मार्केटिंग।

Profit Margin

फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग का profit margin generally हाई होता है, आप Average Profit Margin लगभग 30% – 50% मान सकते हैं।


निष्कर्ष

कम निवेश में मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस शुरू करना आज के समय में एक बेहतरीन अवसर है। इस आर्टिकल में बताए गए बिज़नेस आइडिया कम लागत में शुरू होकर अच्छा मुनाफा देने की क्षमता रखते हैं। सही प्लानिंग, क्वालिटी प्रोडक्ट और मार्केटिंग के साथ आप इन बिज़नेस को सफल बना सकते हैं। मेहनत और सही निर्णय आपको अच्छी कमाई तक ज़रूर पहुँचाएंगे।


Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी और सामान्य मार्गदर्शन के उद्देश्य से लिखा गया है। बिज़नेस शुरू करने से पहले निवेश, लाइसेंस और मार्केट से जुड़ी जानकारी स्वयं जाँच लें। मुनाफा आपके प्रयास, स्थान और बाज़ार की स्थिति पर निर्भर करता है। किसी भी प्रकार के नुकसान के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं होगा।


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Sachin Patel

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